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उलरना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उलरना ^१पु † क्रि॰ अ॰ [सं॰ उद्+लर्व = डोलना, या उल्ललन, प्रा॰ उल्लर=ऊपर को चलना]

१. कदमा । उछलना । उ॰— बिनहिं लहे फल फल भूल सों उलरत हुलसत । मनहुँ पाइ रवि रतन तारिहैं सो निज कुल सत (शब्द॰) ।

२. नीचे ऊपर होना ।

३. झपटना । उ॰—कह गिरिधर कविराय बाज पर उलरै धुधुकी । समय समय की बात बाज कहँ धिरवै फुदकी ।—गिरिधर (शब्द॰) ।

उलरना †पु ^२ क्रि॰ अ॰ [प्रा॰ ओल्लरण] पड़ जाना । सो जाना । उ॰—इक दिन पाँव पसारि उलरना, समुझि देखि निश्चै करि मरना ।—सुदंर ग्रं॰, भा॰१, पृ॰ ३३४ ।