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उल्लाप्य

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उल्लाप्य संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. उपरूपक का एक भेद । यह एक अंक का होता है ।

२. सात प्रकार के गीतों में एक । जब सामगान में मन न लगे तब इसके पाठ का विधान है (मिताक्षरा) ।