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उवना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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उवना ^१पु क्रि॰ अ॰ [हिं॰] दे॰ 'उअना', 'उगना' । उ॰—गढ़ गाँजर तै कूच कर, बीचहि सिवर कराय । दिनकर उवत सो चलिवा, सायागढ़ कहँ आय । —प॰ रा॰, पृ॰ १४६ ।

उवना ^२पु क्रि॰ अ॰ [सं॰ उदय, प्रा॰ उभ्रअ] दे॰ 'ऊभना' । उ॰— पियहि निरखि ब्रजबाल उवीं सब एकहि काला । ज्यों प्रानन्हि कै आए उझकहि इंद्रिय जाला । नंद ग्रां॰ पृ॰ ४५ ।