ऊटना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ऊटना पु क्रि॰ अ॰ [हिं॰ औटना=खलबलाना]

१. उत्साहित होना । हौसला करना । मंसूबा बाँधना । उमंग में आना । उ॰—(क) काज मही सिवराज बली हिंदुवान बढ़ाइबे को उर ऊटै ।—भूषण (शब्द॰) । (ख) काढे तीर बीर जब ऊटयो । सर समूह सत्रुन पर छूटयो । —लाल (शब्द॰) । (ग) मारत गाल कहा इतनो मनमोहन जू अपने मन ऊटे । रघुनाथ (शब्द॰) । (ग) जूटै लगे जान गन, ऊटै लगे ज्वान जन, छूटै लगे बान घन, लूटै लगे प्रान तन ।—गीरिधरदास (शब्द॰) ।

२. तर्क वितर्क करना । सोच विचार करना ।