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ऋजुसूत्र

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ऋजुसूत्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] जैन दर्शन में वह 'नय' या प्रमाणों द्वारा निश्चित अर्थ को ग्रहण करने की वृत्ति जो अतीत और अनागत को नहीं मानती, केवल वर्तमान ही को मानती है ।