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ऋणत्रय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ऋणत्रय संज्ञा पुं॰ [सं॰] तीन प्रकार का ऋण—देवऋण, ऋषि- ऋण और पितृऋण [को॰] ।