ऐंचना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ऐंचना क्रि॰ स॰ [सं॰ अवाञ्चन हिं॰ खींचना;पुं॰ हिं॰ हींचना]

१. खींचना । तामना । उ॰—(क) नीलांबर कर ऐंचि लियौ हरि मनु बादर तैं चंद उजारयौ ।—सूर॰ १० ।४०७ । (ख) रह्यौ ऐंचि, अंतु न लहै अवधि दुसासनु बीरु । आलो, बाढ़त बिरहु ज्यौं पंचाली कौ चीरु ।—बिहारी र॰, दो॰ ४०० ।

२. अपने जिम्मे लेना । जिसका रुपया अपने यहाँ बाँकी हो उसका कर्ज अपने जिम्मे लेना । ओढ़ना । ओटना । जैसे— अब आप इनसे अपने रुपए का तकाजा न करै मैं उसे अपनी ओर ऐंच लेता हूँ ।

३. अनाज की भूसी अलग करने के लिये फटकारना ।