ओंध

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ओंध † संज्ञा [सं॰ बन्ध] वह रस्सी जिससे छाजन पूरी होने के पहले लकड़ियाँ अपनी अपनी जगह पर कसी रहति हैं ।