ओबरी

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ओबरी ^१पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ उप विवर] छोटा घर । छोटा कमरा । कोठरी । उ॰—(क) कागज केरी ओबरी मसु के कर्म कपाट ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ ३५० । (ख) बिलग जनि मानो ऊधौ कारे । वह मथुरा काजर की ओबरी जे आवैं ते कारे ।—सूर॰ १० ।३७६२ । (ग) खिसि करि खिसी तू, निसीथ कोऊ साथ जैहैं, ओबरी के मेलत पगार जाइ चढ़ी है ।—गंग, पृ॰ ६२ ।

ओबरी ^२पु संज्ञा स्त्री॰ समूह । ढेरी । उ॰—हीरा की ओबरी नहीं मलयागिरि नहिं पाँति । सिंहन के लेंहड़ा नहीं साधु न चलैं जमाति ।—कबीर (शब्द॰) ।