ओल्ह

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ओल्ह पु † संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ ओल] ओट । आड़ । उ॰—(क) तिणकै ओल्है राम है, परबत मेरै भाइ । सतगुरु मिलि परचा भया तब हरि पाया घट माँहि ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ ८१ । (ख) ढूँढत ढूँढत जग फिरया् तिण कै ओल्हैं राम ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ ८१ ।