कँलगीं
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कँलगीं पु संज्ञा स्त्री॰ [ फा॰ कँलगी ] दे॰ 'कलगी' । उ॰—कँलगी ओ नवरतन पन्हावा । ताह सचिव कै कोरि चढावा ।— हिंदी॰ प्रेमा॰, पृ॰ २७२ ।
कँलगीं पु संज्ञा स्त्री॰ [ फा॰ कँलगी ] दे॰ 'कलगी' । उ॰—कँलगी ओ नवरतन पन्हावा । ताह सचिव कै कोरि चढावा ।— हिंदी॰ प्रेमा॰, पृ॰ २७२ ।