कंजूस

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हिन्दी[सम्पादन]

विशेषण[सम्पादन]

  1. धन संग्रह के लालच में कष्ट सहकर हीन अवस्था में रहने वाला व्यक्ति, कृपण

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

कंजूस वि॰ [सं॰ कण+हिं॰ चूस] [संज्ञा कंजूसी] जो धन का भोग न करे । जो न खाय और न खिलावे । कृपण । सूम । मक्खी- चूस ।