कइकुल
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कइकुल पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कवि +कुल ] कविसमूह । कविदर्ग । उ॰— अक्खर रस बुज्झनिहार नहि कहकुल मिक्खारि भउँ ।—किर्ति॰, पृ॰ १८ ।
कइकुल पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कवि +कुल ] कविसमूह । कविदर्ग । उ॰— अक्खर रस बुज्झनिहार नहि कहकुल मिक्खारि भउँ ।—किर्ति॰, पृ॰ १८ ।