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ककोणि

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ककोणि संज्ञा पुं॰ [सं॰ कोकमद, > प्रा॰ कोकमअ > (वर्णविपर्यय) ककोणय, > ककोणई = लाल अथवा देश॰] रक्त । खून । उ॰ — श्रोणित रक्त ककोणि पुरि रुधिर असृक क्षतजात ।—नंद ग्र॰, प॰ ९२ ।