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कक्कड़

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कक्कड़ संज्ञा पुं॰ [सं॰ कर्कर]

१. सूखी या सेंकी हुई सुरती का भुराभुरा चूर जिसमें पीनेवाला तमाखू मिला रहता है । इसे छोटि चिलम पर रखकर पीते हैं ।

२. दे॰ 'काकड़' । यौ॰—कक्कडखाना = (१) जहाँ कई आदमी बैठकर हुक्का पीते हों । (२) चंडूखाना । भटियारखाना । बुरी जगह । कक्कजबाज ।