सामग्री पर जाएँ

कङ्गाली

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

कंगाली संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ कंगाल] निर्धनता । दरिद्रता । गरीबी । मुहा॰—कंगाली में आटा गीला होना = अभाव की दशा में और अधिक संकट पड़ना । निर्धनता में घोर अभाव का अनुभव करना ।