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कचाई

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कचाई संज्ञा स्त्री [हिं॰ कच्चा+ई (प्रत्य॰)]

१. कच्चापन । उ॰— सनै सनै थल पंक पिटाई । वीरुध तुननि की गई कचाई । नंद॰ ग्रं॰ पृ॰ २९१ ।

२. नाताजुर्बकारी । अनुभव की कमी । उ॰— ललन सलोने अरु रहे अति सनेह सों पागि । तनक कचाई देति दुख सूरन लो मुख लागि । —बिहारी (शब्द॰) ।