कचोट
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कचोट संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ कचोटना] रह रहकर बार बार होनेवाली वेदना । कचोटने की क्रिया या भाव । उ॰—उसे देखने के लिये उठता हुदय कचोट । — झरना, पृ॰ ७३ ।
कचोट संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ कचोटना] रह रहकर बार बार होनेवाली वेदना । कचोटने की क्रिया या भाव । उ॰—उसे देखने के लिये उठता हुदय कचोट । — झरना, पृ॰ ७३ ।