कञ्चनी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कंचनी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ कञ्जिनी = वेश्या अथवा सं॰ कंचन+हिं॰ ई (प्रत्य॰)] वेश्या । उ॰—सेवक द्विज दच्छिना, कंचनी कवि धन पावत ।—प्रेमघन, पृ॰ ३३ ।
कंचनी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ कञ्जिनी = वेश्या अथवा सं॰ कंचन+हिं॰ ई (प्रत्य॰)] वेश्या । उ॰—सेवक द्विज दच्छिना, कंचनी कवि धन पावत ।—प्रेमघन, पृ॰ ३३ ।