सामग्री पर जाएँ

कटनि

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

कटनि पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ कटना]

१. काट । उ॰—करत जात जेती कटनि बढ़ि रस सरिता सोत । आलबाल उर प्रेम तरू तितो तितो दृढ़ होत ।—बिहारी (शब्द॰) ।

२. प्रिति । आसक्ति । रीझन । उ॰—फिरत जो अटकट कटनि बिन रसिक सुरस न खियाल । अनत अनत नित नित हितनि कत सकुचावत लाल ।—बिहारी (शब्द॰) ।