कठारी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कठारी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ कठ+ आरी (प्रत्य॰)]
१. काठ का बरतन ।
२. कमंडल । उ॰—उसके ऊपर सब साधुओं ने अपनी गुदड़ी तथा कठारी इत्यादि लाद ली ।—कबीर मं॰, पृ॰ १५४ ।
कठारी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. कुल्हाड़ी । टाँगी । उ॰—रामकथा कलि बिटप कुठारी । सादर सुनु गिरिराजकुमारी—मानस, १ ।११४ ।
२. नाश करनेवाली उ॰—गहि पद बिनय कीन्ह बैठरी । जनि दिनकरकुल होसि कुठारी ।—मानस, २ ।३४ ।