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कठुला

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कठुला संज्ञा पुं॰ [हिं॰ कंठ=ला॰ (प्रत्य॰)]

१. गले की माला जो बच्चों को पहनाई जाती है । दे॰ 'कठला' । उ॰—कठुला कंठ ब्रज केहरि नख राजै लसि बिंदुका मृगमद भाल । देखत देत असीस ब्रज जन नर नारी चिरजीवी जसोदा तेरो बाल ।— सूर (शब्द॰) ।

२. माला । हार । उ॰—(क) भल भूँजि कै नेक सु खाक सी कै दुख दीरघ देवन के हरिहौं । सितकंठ के कंठन को कठुला दसकंठ के कंठन को करिहौं ।—केशव (शब्द॰) । (ख) मधि हीरा दुहूँ दिशि मुकुतावलि कठुला कंठ विराजा । बंधु कंबु कहँ भुज पसारि जनु मिलन चहत द्विज राजा ।—रघुराज (शब्द॰) ।