सामग्री पर जाएँ

कढ़ाव

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

कढ़ाव ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ काढ़ना]

१. बूटे कसीदे का काम ।

२. बेल बूटों का उभार ।

कढ़ाव ^२ † संज्ञा पुं॰ [सं॰ कटाह, प्रा॰, कडाह]

१. दे॰ 'कड़ाह' ।

२. सिखों का कड़ा प्रसाद अर्थात् हलुआ जो कड़ाह में बनता है । उ॰—याही गुरु ने कढ़ाव बखानी ।—घट॰, पृ॰ ३२२ ।