कढ़ोरना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कढ़ोरना पु क्रि॰ स॰ [सं॰ कर्षण, प्रा॰ कड्ढ] कढ़लाना । घसीटना । उ॰—(क) तोरि यमकातरि मैदोदरी कढ़ोरि आनी रावन की रानी मेघनाथ महतारी है । भीर बाहु पीर की निपट राखी महाबीर कौन के सँकोच तुलसी के सोच भारी है । —तुलसी (शब्द॰) । (ख) करषि कढ़ोरि दूरि लै गए । बहुत काठ दै दाहत बए ।—नंदं ग्रं॰, पृ॰ २३९ । संयो क्रि॰—डालना ।—लाना । मुहा॰—कलेजा कढ़ोरना=हृदय कुरेदना । जी कढ़ोरना=मन को बेचैन करना ।