कदाच
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कदाच पु क्रि॰ वि॰ [सं॰ कदाचन] शायद । कदाचित् ।उ॰— कौन समौ इन बातन को रण राम दहै घर में पटरानी । राम के हाथ मरे दशकंधर तै यह बात सु काहे ते जानी । और कदाच बने यहि भाँति तो आज कहु कौन सी हानी । देह छटे हू न सीय छटी चलिहै जग में युग चार कहानी ।— हनुमान (शब्द॰) ।