कनफटा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कनफटा ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ कान+ फटना] गोरखनाथ के अनुयायी योगी जो कानों को फड़वाकर उनमें बिल्लोर, मिट्टी, लकड़ी आदि की मुद्राएँ पहनते हैं । उ॰—(क) पंडित ज्ञानी चतुर जरै कनफटा उदासी ।—पलटू॰, भा॰१, पृ॰ १०४ । (ख) गोरखपंथी कनफटे भी कहलाते हैं ।—गोरख॰, पृ॰ २४० ।