कनहरि
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कनहरि पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कण्णधार, प्रा॰ कण्णधार] दे॰ 'कर्णाधार' । उ॰—(क) नौवें नाम निरजंन नौका कनहरि गुनहिं चलावे ।— गुलाल॰, पृ॰ १२८ । (ख) गुरु सतगुरु करु कनहरी ।—दरिया॰ पृ॰ ६३ । (ग) जेहि चाहो भव तें काढ़न ह्वै कनहरिया गुरु खेवक ।—भीखा श॰, पृ॰ ८६ ।