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कनिआरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कनिआरी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ कर्णिकार, प्रा॰ कष्णिआर] कनकचंपा का पेड़ । उ॰—अति व्याकुल भई गोपिका ढूँढति गिरधारी । बूझति हैं बन बेलि सो देखे बनवारी । जाही जूही सेवती करना कनिआरी । बेलि चमेली मालती बूझति द्रुम डारी ।— सूर (शब्द॰) ।