कनै
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कनै पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कनक, प्रा॰ कणय] दे॰ 'कनक' । उ॰—वै जो मेघ गढ़ लाग अकासाँ । बिजरी कनै कोटि चहुँ पासा ।— जायसी ग्रं॰, पृ॰ २२९ ।
कनै पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कनक, प्रा॰ कणय] दे॰ 'कनक' । उ॰—वै जो मेघ गढ़ लाग अकासाँ । बिजरी कनै कोटि चहुँ पासा ।— जायसी ग्रं॰, पृ॰ २२९ ।