कपित्थ

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

कपित्थ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. कैथे का पेड़

२. कैथे का फल । उ॰— नाथ, बली हो कोई कितना, यदि उसके भीतर है पाप । तो गजभुक्त कपित्थ तुल्य वह निष्फल होगा अपने पाप ।—साकेत, पृ॰ ३८० ।

३. नृत्य में एक प्रकार का हस्तक जिसमें अँगूठे की छोर को तर्जनी को छोर से मिलाते हैं ।