कपिन्द
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कपिंद पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कपीन्द्र ] दे॰ 'कपींद्र' । उ॰—रामपकृपा बलु पाइ कपिंदा । भए पच्छजुत मनहु गिरिंदा—मानस, ५ ।३५ ।
कपिंद पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कपीन्द्र ] दे॰ 'कपींद्र' । उ॰—रामपकृपा बलु पाइ कपिंदा । भए पच्छजुत मनहु गिरिंदा—मानस, ५ ।३५ ।