कबहुँ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कबहुँ † क्रि॰ वि॰ [हिं॰ कब+ हुँ] कभी । किसी समय । उ॰—कबहुँ नयन मय सीतल ताता । होइहिं निरखि स्याम मृदुगाता ।—मानस, ५ ।
कबहुँ † क्रि॰ वि॰ [हिं॰ कब+ हुँ] कभी । किसी समय । उ॰—कबहुँ नयन मय सीतल ताता । होइहिं निरखि स्याम मृदुगाता ।—मानस, ५ ।