कबहुँक
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कबहुँक † क्रि॰ वि॰ [हिं॰ कबहुँ+ क (प्रत्य॰)] कभी । किसी समय । उ॰—सहज बानि सेवक सुखदायक । कबहुँक सुरति करत रघुनाथ । —मानस ।
कबहुँक † क्रि॰ वि॰ [हिं॰ कबहुँ+ क (प्रत्य॰)] कभी । किसी समय । उ॰—सहज बानि सेवक सुखदायक । कबहुँक सुरति करत रघुनाथ । —मानस ।