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कमण्डलु

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कमंडलु संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. संन्यासियों का जलपात्र जो धातु, मिट्टी, तुमडी, दरियाई नारियल आदि का होता है ।

२. पाकर या पक्कड़ का पेड़ । उ॰—कमंडलु घाँटीं चामर ताँबा अर्धा पूला तिलपइती आ जम आटहल ।— वर्ण॰, पृ॰ १२ ।