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करखना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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करखना ^१ † क्रि॰ अ॰ [सं॰ कर्षण] आवेश या जोश में आना । उ॰— ता दिन अखिल खलभलै खल खलक, मै, जा दिन सिवा जी गाजी नेक करखत बैं ।—भुषण ग्रं॰, पृ॰ ४२ ।

करखना ^२ † क्रि॰ स॰ [सं॰ कर्षण] खींचना । आकर्षण करना । उ॰—बहुरि निरखि रघुबरहि प्रेम मन करखइ ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ५२ ।