करभ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]करभ संज्ञा पुं॰ [सं॰] [स्त्री॰ करभी]
१. हथेली के पीछे का भाग । करपृष्ठ ।
२. ऊँट का बच्चा ।
३. हाथी का बच्चा ।
४. उँट । उ॰— पंच सहस सादी परे, करभ कठि्ठ सत षेत । डेठ अहन रण भुंम मह, बही श्रोण मिलि रेत । — प॰ रासो, पृ॰ १५४ ।
५. नख नाम की सुगंधित वस्तु ।
६. कटि । कमर ।
७. दोहे के सातवे भेद का नाम जिसमें १६ गुरु और
१६. लघु होते हैं । जैसे, — भए पशू तारे पशू सुनी पशुन की बात । मेरी पशुमति देखि कै काहे मोहिं विनात । ८कनिष्ठा (छिंगुनी) अँगुली से लगाकर उसके नीचे तक हथेली का उभरा भाग (को॰) ।