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करुआई

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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करुआई पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ करुआ+ई (प्रत्य॰)] कड़ुआपन । उ॰—(क) सुर, सुजान, सपुत सुलक्षण गनियत गुन गरुआई । बिनु हरिभजन इनारुन के फल तजत नहीं करुआई । —तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ५४६ । (ख) धूमउ तजै करुआई । अगरु प्रसंग सुगंध बसाई ।—तुलसी (शब्द॰) ।