कर्मदेव
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कर्मदेव संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. ऐतरंय और बृहदारण्यक उपनिषदों के अनुसार देवताओं का एक भेद । विशेष— इसमें तैतीस देवता हैं— अष्टावसु, एकादश रुद्र, द्वादश सूर्य, तथा इंद्र लोग प्रजापति इनका राजा इंद्र और आचार्य बृहस्पति हैं । ये लोग अग्निहोत्र आदि वैदिक कर्म करके देवता हुए थे ।
२. पुण्य कर्मों से देवपद प्राप्ति ।