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कलऊ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कलऊ ^१ पु वि॰ [सं॰ कलियुग] दे॰ 'कलियुगी' । उ॰—कहै कबीर पुकारि कै ये कलऊ बेवहार ।—कबीर सा॰, पृ॰ ७१ ।

कलऊ ^२ पु संज्ञा पुं॰ दे॰ 'कलियुग' । उ॰—तीनो जुग जब जाय ओराई । तेहि पाछे कलऊ चलि आई ।—द॰ सागर, पृ॰ १३ ।