कलकी
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कलकी पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कल्कि] दे॰ 'कल्कि' । उ॰—अग्निकुंड सों बुध भये जिन मुख निंदा कीन । कलकी असि सों जानियै म्लेच्छ हरन परबीन ।—भारतेंदु ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ २३ ।
कलकी पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कल्कि] दे॰ 'कल्कि' । उ॰—अग्निकुंड सों बुध भये जिन मुख निंदा कीन । कलकी असि सों जानियै म्लेच्छ हरन परबीन ।—भारतेंदु ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ २३ ।