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कलबल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कलबल ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ कला + बल] उपाय । दाँव पेंच । जुगुत ।

कलबल ^२ संज्ञा पुं॰ [अनु॰] हल्ला गुल्ला । शोर गुल । उ॰— सखिन सहित सो नित प्रति आवै । कलबल मुनि के निकट मचावै ।—विश्राम (शब्द॰) ।

कलबल ^३ वि॰ [अनुध्व॰] अस्पष्ट (स्वर) । (शब्द॰) जो अलग अलग न मालूम हो । गिलबिल । उ॰—कलबल बचन अधर अरुनारे । दुइ दुइ दसन विसद वर वारे ।—तुलसी (शब्द॰) ।