कलिमल
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कलिमल पु संज्ञा पुं॰ [सं॰] पाप । कलुष । उ॰—चलत कुपंथ वेद मग छाड़े । कपट कलेवर कलिमल भाँड़े ।—मानस, १ । १२ । यौ॰—कलिमल सरि = कर्मनाश नदी ।
कलिमल पु संज्ञा पुं॰ [सं॰] पाप । कलुष । उ॰—चलत कुपंथ वेद मग छाड़े । कपट कलेवर कलिमल भाँड़े ।—मानस, १ । १२ । यौ॰—कलिमल सरि = कर्मनाश नदी ।