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कवड़ी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कवड़ी पु † संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ कपर्दिका, प्रा॰ कवड़्ड़िआ] दे॰ ' कौड़ी' । उ॰— उदर भरण धर धर अटे, रटे नहीं श्रीराम । सूँस करे कवड़ी सटे, ते गुण घटे तमाम ।— बाँकी॰ ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ४२ ।