कवायद
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कवायद संज्ञा स्त्री॰ [अ॰ कवायद] दे॰ नियम । व्यवस्था । यौ॰—कवायद पटवारियान ।
२. व्याकरण ।
३. सेना के युद्ध करने के नियम ।
४. लड़नेवाले सिपाहियो की युद्ध नियमों के आभ्यास की क्रिया । विशेष—फौज में सिपाहियों की पंक्तियाँ आगे पीछे खड़ी की जाती हैं । फिर अफसर सेना क नियमानुसार भिन्न भिन्न शब्द बोलता है या बिगुल आदि के संकेत करता है । उन शब्दों और संकेतों के अनुसार सिपाही आगे बढ़ते हैं, पीछे हटते हैं, एक मुद्रा से दूसरी मुद्रा धारण करते हैं, बंदुक भरते, तानते या चलाते हैं, धावा करते, हटते, लेटते और बैठते है । इन्हीं सब क्रियाओं को कवायद कहते हैं । क्रि॰ प्र॰—करना ।—लेना ।