कविंमन्य
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कविंमन्य संज्ञा पुं॰ [सं॰ कविम् + मन्य] वह जो कवि न होते हुए भी अपने को कवि दिखाए या कहे । उ॰—स्वतंत्र भारत में राजकीय मंत्रियों को अभिनंदनग्रंथ समर्पित करने में हिंदी के कविंमन्य और पंडितंमन्य महानुभावों के द्वारा देखी जा रही है ।—पोद्दार अभि॰ ग्रं॰, पृ॰ ८९ ।