कसकना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कसकना क्रि॰ अ॰ [हिं॰ कसक] दर्द करना । सालना । टीसना । उ॰—(क) कमठ कटिन पीठ घट्ठा परो मंदर को आयो सोई काम पै करेजो कसकतु है ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) काहे को कलह नाध्यो, दारुण दाँवर बाँध्यो, कटिन लकुट लै त्रास्यो मेरो भैया । नहीं कसकत मन निरखि कोमल तन तनिक दधि काज भली री तू मैया ।—सूर (शब्द॰) (ग) नासा मोरि नचाइ दृग करी क्का की सौंह । काँटे लौं कसकत हिए गड़ी कटीली भौंह ।—बिहारि (शब्द॰) । (घ) नंदकुमारहिं देखि दुखी छतिया कसकी न कसाइन तेरी ।—पद्माकर (शब्द॰) ।