कसमसाना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कसमसाना क्रि॰ अ॰ [अनु॰]
१. एक ही स्थान पर बहुत सी वस्तुओं या व्यक्तियों का एक दूसरे से रगड़ खाते हुए हिलना डोलना । खलबलाना । कुलबुलाना । जैसे, —भीड़ के मारे लोग कसमसा रहे हैं । उ॰—यहि के बीच निसाचर अनी । कसमसाति आई अति घनी ।—तुलसी (शब्द॰) ।
२. उकताकर हिलना डोलना । ऊब ऊबकर इधर से उधर होना । जैसे, —ये बड़ी देर से यहाँ बैठे हैं; इसी से अब चलने के लिये कसमसा रहे हैं ।
३. विचलित होना । घबराना । बेचैन होना ।
४. आगा पीछा करना । हिचकना ।