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कहरवा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कहरवा संज्ञा पुं॰ [हिं॰ कहार]

१. पाँच मात्राओं का एक ताल । विशेष—इसमें चार पूर्ण और दो अर्ध मात्राएँ होती हैं । इसमें केवल चार आघात होते हैं । इसके बोल यों हैं—धागे तेटे नाग दिन,धागे तेटे नाग—दिन । धा ।

२. दादरा गीत जो कहरवा ताल पर गाया जाता है । विशेष—यह गीत प्राय:नाच के अंत में पाया जाता है ।

३. वह नाच जो कहरवा ताल पर होता है ।

४. कहारों का नाच ।