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कहिया

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कहिया ^१पु क्रि॰ वि॰ [सं॰ कुह] किस दिन । कब ।

कहिया ^२ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ गहना = पकड़ना] कलईगरों का एक औजार जिससे राँगा रखकर जोड़ मिलाते हैं । विशेष—यह दस्ता लगा हुआ लोहे का छड़ होता है जिसकी एक नोक कौवे की चोंच की तरह झुकाई हुई होती है । इसी नोक को गरम करके उससे बरतनों पर राँगा रखकर राँजते हैं ।