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काँकरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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काँकरी पु † संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ काँकर का अल्पा॰] छओटा कँकड़ ।— (क) कुस कंटक काँकरी कुराई । कटुक कठोर कुवस्तु दुराई । तुलसी (शब्द॰) । (ख) गली साँकरी हेरि री गदई कांकरी मारि नहिं बिसरै बिसरायहुँ हरे हाँकरी नारि ।—श्रृ संत (शब्द॰) । मुहा॰— काँकरी चुनना = चुपचाप मन मारकर बैठना । चिंता या वियोग के दु:ख सि किसी काम में मन न लगना ।